राम रहीम के बरनावा डेरे की कहानी: 6 गेट पर प्रेमी तैनात, रिमोट वाली स्टेज से सत्संग, मेन गेट के आगे मोबाइल-गैजेट अलाउड नहीं

सनमीत सिंह थिंद, हिसार20 मिनट पहले

उत्तर प्रदेश (UP) के बागपत जिले स्थित बरनावा डेरा में डेरा सच्चा सौदा मुखी राम रहीम ने 40 दिन की पैरोल काट ली है। यह पैरोल आज खत्म हो रही है। डेरा प्रमुख ने अपनी पैरोल के दौरान 30 दिन में 300 से ज्यादा सत्संग किए और अपना आखिरी सत्संग 20 नवंबर को किया।

राम रहीम के बरनावा आश्रम में ही ठहरने और वहां सुरक्षा-सत्संग के इंतजामों को लेकर हर तरफ चर्चा है। ऐसे में दैनिक भास्कर ने राम रहीम के इस डेरे का जायजा लिया। जिसमें पता चला कि डेरा मुखी को पुलिस से ज्यादा डेरा प्रेमियों की अचूक सिक्योरिटी है।

राम रहीम इसी डेरे से ऑनलाइन सत्संग करता हुआ।

राम रहीम इसी डेरे से ऑनलाइन सत्संग करता हुआ।

जिसमें कोई परिंदा भी राम रहीम तक नहीं पहुंच सकता। वहीं जिस स्टेज से राम रहीम सत्संग करता है, वह रिमोट से चलता है। डेरे के मेन गेट के भीतर मोबाइल-गैजेट अलाउड नहीं है। इसे रोकने के लिए गेट पर प्रेमियों के अलावा मेटल डिटेक्टर से भी चेकिंग की जाती है। जिससे अंदर की फोटो-वीडियो बाहर नहीं आ पाती। पढ़िए… राम रहीम के डेरे को जाते रास्ते से मेन गेट के अंदर की पूरी कहानी..

जिस रास्ते राम रहीम का आश्रम, वहां पुलिस चौकी में कर्मचारी बढ़ाए
बरनावा डेरा यूपी के मेरठ- बडौत रोड पर स्थित है। जिससे मेरठ की दूरी 35 किलोमीटर और बडौत की दूरी 16 किलोमीटर है। बडौत तहसील से राम रहीम के डेरे की ओर जाने से पहले बलौली पुलिस चौकी को पार करना पड़ता है। इस चौकी पर राम रहीम के आने के बाद पुलिस कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई। बरनावा डेरा जाने के लिए यह चौकी पार करनी पड़ती है।

राम रहीम के डेरे के मेन गेट के बाहर खड़े प्रेमी।

राम रहीम के डेरे के मेन गेट के बाहर खड़े प्रेमी।

डेरे की बाउंड्री पर नो पार्किंग
डेरे की बाउंड्री पर कोई भी व्यक्ति गाड़ी खड़ी नहीं कर सकती। यहां तक कि बाउंड्री से सटी रोड पर भी गाड़ी खड़ी करने की मनाही है। राम रहीम के डेरे पर UP पुलिस से ज्यादा डेरा प्रेमियों के सुरक्षा इंतजाम है।

डेरे की दीवार के साथ सड़क किनारे UP पुलिस टेंट लगाकर बैठी है। जहां से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती है।

डेरे की दीवार के साथ सड़क किनारे UP पुलिस टेंट लगाकर बैठी है। जहां से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती है।

मेन गेट पर एक ही एंट्री
बरनावा डेरे में एंट्री के लिए मेन गेट पर एक ही प्रवेश द्वार है। यहां जो भी जाता है, उनकी चेकिंग होती है। उसमें डेरे के श्रद्धालु भी शामिल हैं। गेट पर पहुंचने ही वहां तैनात सेवादार, दूसरे राज्यों से आने वाले सेवादारों से स्लिप मांगते है। यह स्लिप संबंधित ब्लॉक का भंगीदास बनाकर भेजता है। उस स्लिप पर लिखा होता है कि कितने सेवादार डेरे में भेजे हैं।

बिना पर्ची के डेरे में एंट्री नहीं
बिना ब्लॉक प्रमुख की पर्ची के कोई भी डेरे में प्रवेश नहीं कर सकता। मेन गेट पर चेकिंग के बाद अंदर एंट्री करने पर दूसरी बार डेरे की सेवादारों की प्राइवेट सिक्योरिटी प्रेमियों को चेक करती है। अदंर मोबाइल से लेकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस तक तक पूरी तरह से प्रतिबंध है। मेटल डिटेक्टर से इसकी जांच की जाती है। महिलाओं के लिए अलग चेकिंग व्यवस्था है।

मेन गेट पर पहुंचते ही डेरा प्रेमियों की चेकिंग और पूरी डिटेल नोट की जाती है।

मेन गेट पर पहुंचते ही डेरा प्रेमियों की चेकिंग और पूरी डिटेल नोट की जाती है।

डेरे के 6 गेट, हर गेट पर प्रेमियों का पहरा
राम रहीम के बरनावा डेरे में 6 गेट है। हर गेट पर प्रेमियों का पहरा है। मुख्य गेट पर यूपी पुलिस के जवान भी हाइटेक हथियारों से लैस होकर खड़े हैं। हर गेट पर यूपी पुलिस के जवानों के साथ राम रहीम के प्रेमी दिन- रात पहरा दे रहे हैं। जिनके खाने से लेकर सोने की व्यवस्था भी वहीं पर है।

राम रहीम का तेरावास
डेरे के भीतर जाते ही 2 रास्ते बने हैं। एक रास्ता उस ओर जाता है, जहां डेरा प्रमुख सत्संग करता है। दूसरा रास्ता राम रहीम के तेरावास यानी डेरा मुखी के रहने वाली जगह पर जाता है। यहां कदम-कदम पर सुरक्षा गार्ड गन लेकर खड़ा रहते हैं। वहां सिर्फ डेरा मैनेजमेंट के पदाधिकारियों को ही जाने की इजाजत है।

मैनेजमेंट की आज्ञा के बाद ही राम रहीम से मिलने के लिए कोई व्यक्ति उस ओर आ सकता है। तेरावास के बाहर राम रहीम की काली मर्सिडीज को सुरक्षा कर्मचारी घेरे रखते हैं। राम रहीम इसी मर्सिडीज से सफर करते हैं तो कभी पैदल ही सुरक्षा कर्मचारियों के घेरे में स्टेज तक आते हैं।

मेन गेट से अंदर जाते वक्त भी पूछताछ होती है ताकि राम रहीम की सिक्योरिटी को कोई खतरा न हो।

मेन गेट से अंदर जाते वक्त भी पूछताछ होती है ताकि राम रहीम की सिक्योरिटी को कोई खतरा न हो।

रिमोट से चलने वाला स्टेज
इस डेरे में राम रहीम जिस स्टेज पर बैठकर सत्संग करता है, वह रिमोट से चलता है। इस स्टेज को सिरसा डेरा सच्चा सौदा से बरनावा में ले जाया गया। राम रहीम के स्टेज के सामने बड़ी सारी स्क्रीन है, जिस पर वह जूम से दूसरे डेरों में ऑनलाइन होकर सत्संग करता है और प्रेमियों के सवालों का जवाब देता है। इस स्क्रीन के पीछे ही प्रेमी बैठकर उसका सत्संग सुनते हैं।

1980 में बने इस डेरे की भी खास कहानी
1980 में बने इस बरनावा डेरे की भी खास कहानी है। राम रहीम का भी इससे खास लगाव है। इस डेरे की स्थापना 1980 में शाह सतनाम ने की थी। शाह सतनाम डेरा सच्चा सौदा के दूसरा संत थे और अपने जीवनकाल में उन्होंने केवल एक ही डेरे की स्थापना की थी। शाह सतनाम ने ही अपने समय में राम रहीम को गद्दी सौंपी थी। यह डेरा 100 एकड़ में बना हुआ है। राम रहीम को 1 बार फरलो और दो बार पैरोल मिली। तीनों बार राम रहीम ने यहीं समय काटा।

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