राजकोट अग्निकांड में चीफ-डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर सहित 3 गिरफ्तार: गेमिंग जोन हादसे में 27 की मौत हुई थी; राहुल ने पीड़ितों से बात की

राजकोट18 मिनट पहले

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गुजरात के राजकोट शहर स्थित टीआरपी गेम जोन में 25 मई को आग लगी थी। इसमें 12 बच्चे सहित 27 लोगों की मौत हुई थी। - Dainik Bhaskar

गुजरात के राजकोट शहर स्थित टीआरपी गेम जोन में 25 मई को आग लगी थी। इसमें 12 बच्चे सहित 27 लोगों की मौत हुई थी।

गुजरात के राजकोट में टीआरपी गेमग जोन अग्निकांड मामले में शनिवार (22 जून) को और तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई। इनमें 45 साल के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) इलेश खेर, 54 साल के डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर भीखा थेबा और गेमग जोन में काम करवा रहे सुपरवाइजर महेश राठौड़ (60 साल) शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि पिछले दो सालों में राजकोट फायर डिपार्टमेंट ने बिना फायर NOC वाली किसी भी बिल्डिंग की जांच नहीं की थी। पिछले साल 4 सितंबर को टीआरपी गेम जोन में वेल्डिंग के दौरान आग लगने की एक और घटना हुई थी। तब भी CFO खेर ने पता नहीं लगाया कि यूनिट के पास फायर NOC सर्टिफिकेट और जरूरी उपकरण है या नहीं।

वहीं, DCFO ​​​​​भीखा थेबा भ्रष्टाचार के एक मामले में पहले से ही जेल में है। ट्रांसफर वारंट के जरिए उसकी कस्टडी ली गई है। पुलिस ने सुपरवाइजर राठौड़ को अपने काम में लापरवाही बरतने और वेल्डिंग के दौरान जरूरी सेफ्टी का ख्याल नहीं करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

राजकोट के टीआरपी गेम जोन में 25 मई की शाम आग लग गई थी। इस हादसे में 12 बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक 8 सरकारी कर्मचारियों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक की जांच में पता चला है कि गेम जोन NOC के बिना चल रहा था।

25 मई को गेम जोन में वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से आग भड़की थी।

25 मई को गेम जोन में वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से आग भड़की थी।

राहुल गांधी ने पीड़ितों से बात की, 25 जून को बंद का आह्वान
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार (22 जून) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीआरपी गेम जोन आग हादसे में मारे गए लोगों के परिवार से बातचीत की। राहुल गांधी ने घटना पर दुख जताया और परिवारों को कांग्रेस पार्टी के समर्थन का आश्वासन दिया।

राहुल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कांग्रेस के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल भी मौजूद रहे। राजकोट में पीड़ितों के परिवारों के साथ गुजरात कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवानी और पार्टी नेता लालजी देसाई मौजूद थे।

कांग्रेस ने घटना के विरोध में 25 जून को राजकोट बंद का आह्वान भी किया है, जिसमें पीड़ितों के परिवारों के लिए भाजपा सरकार से बड़े मुआवजे की मांग की गई है। कांग्रेस ने इस दिन लोगों से शहर की दुकानें और दूसरे व्यवसाय बंद करने की अपील की है।

गेम जोन के 5 मालिक गिरफ्तार, एक की आग में मौत
गुरुवार (13 जून) को गेम जोन के सह-मालिक अशोकसिंह जाडेजा ने सरेंडर किया था। जडेजा गेम जोन के 6 मालिकों में से एक हैं। इनमें 5 गिरफ्तार हो चुके हैं। एक मालिक प्रकाश हिरन (जैन) की 25 मई को आग में मौत हो गई थी। गेम जोन के एक मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया है।

डीएनए टेस्ट हुई मालिक के शव की पहचान
हादसे में शव इतनी बुरी तरह जले थे कि उनकी पहचान मुश्किल थी। इसके चलते सभी शवों के DNA टेस्ट कराए गए थे। जांच के दौरान पता चला कि गेम जोन के सह-मालिकों में से एक प्रकाश हिरन (जैन) हादसे के बाद से लापता था।

पुलिस ने उसका नाम भी FIR में दर्ज किया था। घटनास्थल पर मिले एक शव का DNA सैंपल अहमदाबाद में रहने वाली प्रकाश की मां विमला देवी के DNA सैंपल से मैच हुआ। इसके बाद प्रकाश हिरन की मौत की पुष्टि हुई।

राजकोट गेम जोन बिना परमिट के चल रहा था

दैनिक भास्कर को मिली यह तस्वीर करीब दो साल पुरानी है। इसमें राजकोट के तत्कालीन कलेक्टर अरुण महेश बाबू, SP बलराम मीणा, नगर निगम कमिश्नर अमित अरोड़ा, DCP जोन-1 प्रवीण मीणा गेमिंग जोन पहुंचे थे। तस्वीर में दिखाई दे रहे ये सभी अधिकारी गेम जोन के गो-कार्टिंग का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान टीआरपी गेम जोन के मालिकों ने अफसरों का जोरदार स्वागत किया था।

वेल्डिंग से निकली चिंगारी 2 मिनट में भड़की
राजकोट के टीआरपी गेम जोन में 25 मई की शाम को हुए हादसे का एक CCTV फुटेज सामने आया। इस वीडियो में शाम 5.33 मिनट पर गेम जोन के एक हिस्से में वेल्डिंग का काम होता दिखा। इसी से निकलने वाली चिंगारी थोड़ी देर में भड़क जाती है। जिसे वहां मौजूद कर्मचारी बुझाने की कोशिश करते हैं।

गेम जोन से आने-जाने का एक ही रास्ता था। महज 2 मिनट के अंदर आग भयानक रूप ले लेती है, जिसके कारण पूरा गेम जोन उसकी चपेट में आ जाता है। फायर ब्रिगेड की 8 टीमें करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाईं। 25 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। 12 बच्चों समेत 27 लोग मारे गए।

देखिए गेमजोन में आग कैसे लगी…

1. वेल्डिंग से निकलती चिनगारी…

2. चिनगारी से वहां पड़े सामान में आग लगी

3. आग तेजी से फैलती गई

4. गेमजोन के कर्मचारियों ने इसे बुझाने की कोशिश की

राजकोट गेम जोन हादसे पर एक नजर

  • आग कैसे लगी: किराए की 2 एकड़ जमीन पर तीन मंजिला गेम जोन 2020 में बनाया गया था। इसका स्ट्रक्चर लकड़ी और टीन शेड पर खड़ा था। कई जगह रिपेयरिंग और रेनोवेशन का काम भी चल रहा था। एक जगह सीढ़ी पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिनगारी से ब्लास्ट हुआ और आसपास आग लग गई।
  • आग तेजी से क्यों फैली: गेम जोन का डोम कपड़े और फाइबर से बना था। स्ट्रक्चर लकड़ी, टीन और थर्मोकोल शीट से बनाया गया था। फर्श पर भी रबर, रेग्जीन और थर्मोकोल लगा था। इसके अलावा गेमजोन में 2 हजार लीटर डीजल और 1500 लीटर पेट्रोल भी स्टोर किया गया था। इसलिए आग कुछ मिनटों में ही तेजी से फैल गई।
  • ज्यादा नुकसान की वजह: चश्मदीद के मुताबिक​​​​, आग नीचे से ऊपर तक कुछ ही मिनटों में फैल गई थी। तीन मंजिला स्ट्रक्चर में नीचे से ऊपर जाने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। दूसरी और तीसरी मंजिल के लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।
  • अधिकारी क्या बोले: कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा, शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि पहचान मुश्किल है। DNA टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के मुताबिक, टीआरपी गेम जोन के पास फायर NOC तक नहीं थी। सरकार ने जांच के लिए SIT बनाई है।

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