मानसून सत्र का 13वां दिन, राहुल का संसद पहुंचना मुश्किल: स्पीकर के हाथ में ही फैसला; वे कब लेंगे, इसकी कोई डेडलाइन नहीं

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नई दिल्ली6 मिनट पहलेलेखक: अभिनंदन मिश्रा

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सूरत कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को दोषसिद्धि पर रोक लगा दी। - Dainik Bhaskar

सूरत कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।

संसद के मानसून सत्र का आज (7 अगस्त) 13वां दिन है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने पर आज कोई फैसला आने की संभावना कम ही है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने भास्कर को बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ा जा रहा है और इस पर अंतिम निर्णय लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ही लेंगे। बिड़ला 6 अगस्त (रविवार) को देहरादून में थे।

लोकसभा सचिवालय के सीनियर अफसर के मुताबिक, स्पीकर कब फैसला लेंगे, इसकी कोई डेडलाइन नहीं है। शनिवार और रविवार को सेक्रेटेरिएट बंद रहता है। लिहाजा राहुल की सांसदी बहाली पर सोमवार को फैसला आए, इसकी संभावना कम है।

स्पीकर को निर्णय लेने के लिए सचिवालय का खुलना या बंद होना मायने नहीं रखता। जब राहुल की सदस्यता बहाली का निर्णय लोकसभा बुलेटिन में प्रकाशित होगा, उसके बाद ही वे दोबारा सदन के सदस्य हो जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राहुल की संसद सदस्यता की बहाली को लेकर अब तक क्या हुआ…

4 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात कर उनसे राहुल की सदस्यता बहाल करने का आग्रह किया था। स्पीकर ने चौधरी से कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बाद ही वह इस पर फैसला करेंगे।

5 अगस्त : शनिवार को अधीर रंजन ने छुट्टी होने के चलते लोकसभा सचिवालय में डाक के माध्यम से कागज भेजे। अधीर रंजन ने बताया कि एक अवर सचिव ने कागज रिसीव किए और साइन कर दिए, लेकिन मुहर नहीं लगाई।

भाजपा सांसद को सजा, आज सांसदी जा सकती है
इटावा से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को MP/MLA कोर्ट ने (5 अगस्त) 2 साल की जेल और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। उन्हें बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी के टोरंट अधिकारी से मारपीट और बलवा करने का दोषी करार दिया गया। कठेरिया केंद्रीय राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। घटना के समय वे आगरा के सांसद थे। मामला 16 नवंबर 2011 का है। 2 साल की सजा होने के बाद कठेरिया की संसद की सदस्यता जा सकती है। इस पर भी आज स्पीकर फैसला ले सकते हैं।

राज्यसभा में आएगा दिल्ली सर्विस बिल
सरकार 7 अगस्त को राज्यसभा में दिल्ली सर्विस बिल पेश कर सकती है। लोकसभा में इसे 3 अगस्त को पेश किया गया था और इसी दिन पास भी कर दिया गया। (चर्चा में शाह क्या बोले, पूरी खबर पढ़ें)

सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में दिल्ली सर्विस बिल पेश होने पर कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। सिंघवी ने ही सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर केजरीवाल सरकार की तरफ से पैरवी की थी।

राहुल की गैर-मौजूदगी में संसद में क्या-क्या हुआ…

1. सांसदी जाने पर बजट सत्र में हंगामा
राहुल गांधी की संसद सदस्यता इस साल के बजट सत्र के दौरान ही चली गई थी। वह पूरे सेशन में हिस्सा नहीं ले पाए थे। राहुल की सासंदी जाने वाले मुद्दे पर 5-6 अप्रैल को विपक्षी नेताओं ने सदन में खूब हंगामा किया था।

2. नई संसद का इनॉगरेशन
28 मई को पीएम नरेंद्र मोदी ने नई संसद बिल्डिंग का इनॉगरेशन किया था। इस दौरान PM ने सेंगोल को सदन में स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया। इस कार्यक्रम का कांग्रेस सहित 20 पार्टियों ने बायकॉट किया था।

3. लोकसभा में दिल्ली विधेयक पास
राहुल की अनुपस्थिति में ही मौजूदा मानसून सेशन में दिल्ली विधेयक पास कराया गया। 3 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पास हुआ। दिल्ली सेवा बिल मौजूदा अध्यादेश की जगह लेगा जो दिल्ली सरकार को अधिकांश सेवाओं पर नियंत्रण देने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द कर देगा। इस अध्यादेश को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव चल रहा है।

राहुल गांधी की अनुपस्थिति में संसद में अब तक 19 बिल पेश किए जा चुके हैं।

बजट सत्र में राहुल ने उठाया था अडाणी का मुद्दा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस साल बजट सत्र के छठे दिन सात फरवरी को लोकसभा में मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने अडाणी को लेकर सवाल पूछे थे। चर्चा के दौरान राहुल ने अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमें गौतम अडाणी पर कई आरोप लगाए गए थे। राहुल ने कहा था, उन्होंने तमिलनाडु और केरल से लेकर हिमाचल प्रदेश तक कई राज्यों की यात्रा की। इस दौरान उन्हें एक ही नाम बार-बार सुनने को मिला, वह नाम था अडाणी।

राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने क्या कहा था…

राहुल की दोषसिद्धि पर 133 दिन बाद रोक: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सजा का असर राहुल ही नहीं, वोटर्स पर भी पड़ा

राहुल गांधी की सांसदी जाने के 133 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर ही रोक लगा दी, जिसकी वजह से उनकी सांसदी गई थी। मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि केस में राहुल को निचली अदालतों ने 2 साल की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘जब तक राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं होती, तब तक दोषसिद्धि पर रोक रहेगी।’ सुनवाई की नई तारीख अभी नहीं बताई है।

अधिकतम सजा के चलते एक लोकसभा सीट बिना सांसद के रह जाएगी। यह सिर्फ एक व्यक्ति के अधिकार का ही मामला नहीं है, ये उस सीट के वोटर्स के अधिकार से भी जुड़ा मसला है। पढ़ें पूरी खबर…

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