मन की बात: पीएम मोदी ने शिक्षा में आम आदमी के योगदान को गिनाया, झारखंड के लाइब्रेरी मैन का किया जिक्र

पीएम मोदी

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समाज में शिक्षा की लौ जलाने में लगे आम लोगों के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऐसे दो व्यक्तियों का उल्लेख किया। जिन्होंने देश में शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है।

कार्यक्रम मन की बात में मोदी ने किया इनका जिक्र 
लखनऊ से करीब 80 किलोमीटर दूर हरदोई गांव के जतिन ललित सिंह ने दो साल पहले सामुदायिक पुस्तकालय और संसाधन केंद्र शुरू किया है। वहीं, झारखंड के संजय कश्यप बच्चों के बीच लाइब्रेरी मैन के रूप में जाने जाते हैं। राज्य में नौकरी के दौरान जहां भी उनका तबादला हुआ उन्होंने एक पुस्तकालय खोला। प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 95वें एपिसोड के दौरान इन दो लोगों का जिक्र किया।

शिक्षा देना समाज हित में नेक काम
मोदी ने कहा कि अगर कोई ज्ञान दान कर रहा है तो वह समाज हित में नेक काम कर रहा है। यूपी की राजधानी लखनऊ से 70-80 किलोमीटर दूर हरदोई में बांसा गांव है। उन्होंने कहा कि मैं गांव के जतिन ललित सिंह के बारे में जानता हूं, जो शिक्षा की लौ जलाने में लगे हुए हैं। जतिन ने दो साल पहले यहां सामुदायिक पुस्तकालय और संसाधन केंद्र शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र में हिंदी, अंग्रेजी साहित्य, कंप्यूटर और कानून से संबंधित 3,000 से अधिक पुस्तकें हैं। 

बच्चों का नहीं होने दिया भविष्य अंधकारमय
संजय कश्यप के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड के लोगों को अच्छी किताबों की कमी का सामना करना पड़ा था। उस दौरान संजय कश्यप ने किताबों की कमी के कारण अपने क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकारमय नहीं होने देने का फैसला किया। इसी मिशन की वजह से आज वह आज झारखंड के कई जिलों में बच्चों के लिए लाइब्रेरी मैन बन चुके हैं। उन्होंने अपने मूल स्थान पर पहला पुस्तकालय बनवाया था। वह गरीब और आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए पुस्तकालय खोलने के मिशन में जुट गए। उनका मिशन आज एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रहा है।
 
 

विस्तार

समाज में शिक्षा की लौ जलाने में लगे आम लोगों के योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऐसे दो व्यक्तियों का उल्लेख किया। जिन्होंने देश में शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है।

कार्यक्रम मन की बात में मोदी ने किया इनका जिक्र 

लखनऊ से करीब 80 किलोमीटर दूर हरदोई गांव के जतिन ललित सिंह ने दो साल पहले सामुदायिक पुस्तकालय और संसाधन केंद्र शुरू किया है। वहीं, झारखंड के संजय कश्यप बच्चों के बीच लाइब्रेरी मैन के रूप में जाने जाते हैं। राज्य में नौकरी के दौरान जहां भी उनका तबादला हुआ उन्होंने एक पुस्तकालय खोला। प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 95वें एपिसोड के दौरान इन दो लोगों का जिक्र किया।

शिक्षा देना समाज हित में नेक काम

मोदी ने कहा कि अगर कोई ज्ञान दान कर रहा है तो वह समाज हित में नेक काम कर रहा है। यूपी की राजधानी लखनऊ से 70-80 किलोमीटर दूर हरदोई में बांसा गांव है। उन्होंने कहा कि मैं गांव के जतिन ललित सिंह के बारे में जानता हूं, जो शिक्षा की लौ जलाने में लगे हुए हैं। जतिन ने दो साल पहले यहां सामुदायिक पुस्तकालय और संसाधन केंद्र शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र में हिंदी, अंग्रेजी साहित्य, कंप्यूटर और कानून से संबंधित 3,000 से अधिक पुस्तकें हैं। 

बच्चों का नहीं होने दिया भविष्य अंधकारमय

संजय कश्यप के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड के लोगों को अच्छी किताबों की कमी का सामना करना पड़ा था। उस दौरान संजय कश्यप ने किताबों की कमी के कारण अपने क्षेत्र के बच्चों का भविष्य अंधकारमय नहीं होने देने का फैसला किया। इसी मिशन की वजह से आज वह आज झारखंड के कई जिलों में बच्चों के लिए लाइब्रेरी मैन बन चुके हैं। उन्होंने अपने मूल स्थान पर पहला पुस्तकालय बनवाया था। वह गरीब और आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए पुस्तकालय खोलने के मिशन में जुट गए। उनका मिशन आज एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले रहा है।