देश की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू: CJI ने दिलाई शपथ, बोलीं- जनता का हित मेरे लिए सर्वोपरि

नई दिल्ली24 मिनट पहले

द्रौपदी मुर्मू को देश की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर चीफ जस्टिस एनवी रमना ने शपथ दिलाई। वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं। सुबह सवा 10 बजे द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ ली। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई।

द्रौपदी मुर्मू को CJI ने राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।

द्रौपदी मुर्मू को CJI ने राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति मुर्मू से पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की। साथ में, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहे।

शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति मुर्मू से पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की। साथ में, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहे।

शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति मूर्मू से सोनिया गांधी ने मुलाकात की।

शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति मूर्मू से सोनिया गांधी ने मुलाकात की।

राष्ट्रपति मुर्मू से स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान ने भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति मुर्मू से स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान ने भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रेसिडेंट्स गार्ड ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके साथ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रेसिडेंट्स गार्ड ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके साथ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी रहे।

पढ़िए शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भाषण

“मैं जिस जगह से आती हूं, वहां प्रारंभिक शिक्षा भी सपना होता है। गरीब, पिछड़े मुझे अपना प्रतिबिंब दिखाते हैं। मैं भारत के युवाओं और महिलाओं को विश्वास दिलाती हूं कि इस पद पर काम करते हुए उनका हित मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा।

संसद में मेरी मौजूदगी भारतीयों की आशाओं और अधिकारों का प्रतीक है। मैं सभी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। आपका भरोसा और समर्थन मुझे नई जिम्मेदारी संभालने का बल दे रहा है।

मैं पहली ऐसी राष्ट्रपति हूं जो आजाद भारत में जन्मी। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने भारतीयों से जो उम्मीदें लगाई थीं, उन्हें पूरा करने का मैं पूरा प्रयास करूंगी।

राष्ट्रपति के पद तक पहुंचना मेरी निजी उपलब्धि नहीं है, यह देश के सभी गरीबों की उपलब्धि है। मेरा नॉमिनेशन इस बात का सबूत है कि भारत में गरीब न केवल सपने देख सकता है, बल्कि उन सपनों को पूरा भी कर सकता है।’

शपथ ग्रहण से पहले वो राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचीं थींं।

शपथ ग्रहण से पहले वो राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचीं थींं।

इससे पहले वो राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, यहां उन्होंने रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी से मुलाकात की। दोनों ने मुर्मू को बधाई दी। राष्ट्रपति भवन के लिए निकलने से पहले राजघाट पहुंचकर उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी।

रामनाथ कोविंद से मुलाकात से पहले द्रौपदी मुर्मू ने राजाघट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

रामनाथ कोविंद से मुलाकात से पहले द्रौपदी मुर्मू ने राजाघट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

मुर्मू के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में ओडिशा से 64 खास मेहमान आए हैं। शपथ के बाद खास मेहमानों के लिए लंच का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया गया है। उसके बाद सभी को पूरा भवन घुमाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीत के बाद मुर्मू को बधाई देने उनके घर गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीत के बाद मुर्मू को बधाई देने उनके घर गए थे।

द्रौपदी ने ओडिशा से खास मेहमानों को बुलाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ समारोह में देश के सर्वोच्च पद के लोग शामिल हुए हैं। राजनेता, न्यायाधीश, ब्यूरोक्रेट्स, लेकिन इस समारोह में द्रौपदी ने अपने खास लोगों को निमंत्रण देकर बुलाया है। ओडिशा के मयूरभंज जिले से 64 लोग इस समारोह में शामिल हुए हैं।

ओडिशा के रायरंगपुर स्थित मंदिर में अपनी नातिन के साथ द्रौपदी मुर्मू।

ओडिशा के रायरंगपुर स्थित मंदिर में अपनी नातिन के साथ द्रौपदी मुर्मू।

वैसे तो द्रौपदी मुर्मू के करीबियों की लिस्ट हजारों में है। मई 2015 में जब उन्होंने गवर्नर पद की शपथ ली थी तब करीब 3 हजार लोग झारखंड के रांची और उड़ीसा के मयूरभंज जिले से द्रौपदी के खास मेहमान बनकर गए थे।

21 जुलाई को जीत के बाद बेटी इतिश्री को मिठाई खिलातीं द्रौपदी मुर्मू।

21 जुलाई को जीत के बाद बेटी इतिश्री को मिठाई खिलातीं द्रौपदी मुर्मू।

कौन-कौन हैं खास मेहमान
मुर्मू के मेहमानों में उनके भाई तरणीसेन टुडू और भाभी सुकरी टुडू उपरबेड़ा गांव से दिल्ली पहुंच चुके हैं। इनके अलावा बेटी इतिश्री, दामाद, उनकी दोनों नातिन। बड़ी नातिन ढाई साल की है, तो दूसरी अभी ढाई महीने की पूरी ही होने वाली है। उसके अलावा उनके खास मेहमानों में शामिल हैं, उनकी दोस्त-धानकी मुर्मू। धानकी भुवनेश्वर में उनके साथ कॉलेज में पढ़ती थीं। द्रौपदी की यह दोस्त उनके हर दुख-सुख में साथ रहती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्रौपदी मुर्मू और उनकी बेटी इतिश्री। इतिश्री के ठीक पीछे उनके पति गणेशचंद्र हेम्ब्रम खड़े हैं। दोनों पति-पत्नी बैंकर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्रौपदी मुर्मू और उनकी बेटी इतिश्री। इतिश्री के ठीक पीछे उनके पति गणेशचंद्र हेम्ब्रम खड़े हैं। दोनों पति-पत्नी बैंकर हैं।

द्रौपदी के मौजूदा निवास स्थान रायरंगपुर के BJP के कार्यकर्ताओं में बिकास महतो और उनके साथ 4 और लोग समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा जिले के विधायक और कुछ उनके गांव पहाड़पुर और उपरवाड़ा राजनीतिक लोग भी शामिल हैं।

मुर्मू के भाई तरणीसेन टुडू और भाभी सुकरी टुडू उपरबेड़ा गांव से दिल्ली पहुंच गए हैं।

मुर्मू के भाई तरणीसेन टुडू और भाभी सुकरी टुडू उपरबेड़ा गांव से दिल्ली पहुंच गए हैं।

25 जुलाई को शपथ लेने वालीं 10वीं प्रेसिडेंट होंगी
मुर्मू देश की 10वीं राष्ट्रपति होंगी जो 25 जुलाई को शपथ ले रही हैं। भारत के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई 1977 को शपथ ली थी। तब से 25 जुलाई को ज्ञानी जैल सिंह, आर. वेंकटरमण, शंकर दयाल शर्मा, के.आर. नारायणन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी और रामनाथ कोविंद ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।

बेटी इतिश्री और नातिन के साथ द्रौपदी मुर्मू।

बेटी इतिश्री और नातिन के साथ द्रौपदी मुर्मू।

कोविंद और मुर्मू एक साथ संसद पहुंचेंगे
समारोह से पहले निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद पहुंचेंगे। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्रिपरिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्य और सरकार के प्रमुख असैन्य एवं सैन्य अधिकारी समारोह में शामिल होंगे।

शपथ के बाद मुर्मू को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और रामनाथ कोविंद का शिष्टाचार सम्मान किया जाएगा।

शपथ के बाद मुर्मू को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और रामनाथ कोविंद का शिष्टाचार सम्मान किया जाएगा।

समारोह के समापन पर मुर्मू राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना होंगी, जहां उन्हें एक ‘इंटर-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा और निवर्तमान राष्ट्रपति का शिष्टाचार सम्मान किया जाएगा।

मुर्मू की जीत का प्रमाण पत्र पढ़ा जाएगा
21 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव की काउंटिंग पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी परिणाम की घोषणा करते हैं। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने ‘भारत के नए राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन संबंधी प्रमाण पत्र’ पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। अब यही प्रमाण पत्र केंद्रीय गृह सचिव को भेजा गया है, जो भारत के 15वें राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में पढ़ा जाएगा।

द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र देते राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल पीसी मोदी। मोदी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर भी थे।

द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र देते राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल पीसी मोदी। मोदी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर भी थे।

सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति होंगी
मुर्मू आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति होंगी। वह राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी महिला भी हैं। मुर्मू (64) ने विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराया। मुर्मू ने निर्वाचक मंडल सहित सांसदों और विधायकों के 64 प्रतिशत से अधिक वैध वोट लेकर जीत दर्ज की। मुर्मू को सिन्हा के 3 लाख 80 हजार 177 वोटों के मुकाबले 6 लाख 76 हजार 803 वोट मिले थे।

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